अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़ी दान राशि के कथित हेराफेरी मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि यदि जांच निष्पक्ष और पूरी गंभीरता से आगे बढ़ी तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल जाना पड़ सकता है।
विनय कटियार ने कहा कि उन्होंने इस मामले की जानकारी पहले भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई थी और दान राशि के उपयोग में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस राशि के उपयोग में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां दान राशि के लेनदेन, दस्तावेजों और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ अदालत द्वारा दोष सिद्ध नहीं हुआ है और जांच प्रक्रिया जारी है।
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पहले भी लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि सभी वित्तीय लेनदेन पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए हैं और आवश्यक दस्तावेज संबंधित एजेंसियों के समक्ष उपलब्ध हैं।
फिलहाल इस मामले में जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
