उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें राष्ट्र की एकता और अखंडता का महान प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. मुखर्जी ने समय रहते आवाज़ न उठाई होती तो पूरा बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा बन सकता था। उनके दृढ़ संकल्प और संघर्ष के कारण ही पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने देश की एकता, सांस्कृतिक विरासत और संविधान की भावना की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। उनका जीवन आज भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है।
सीएम योगी ने कहा कि नई पीढ़ी को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और योगदान से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि देश की अखंडता और विकास के लिए उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
