##### बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। इस मौसम में स्टमक फ्लू (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) और फूड प्वाइजनिंग के मामले तेजी से बढ़ते हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के अनुसार, बारिश के दौरान दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण होने वाली जलजनित बीमारियां (Waterborne Diseases) देश में एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती हैं।
ऐसे में केवल साफ पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि खानपान और रसोई की स्वच्छता का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।
क्या है स्टमक फ्लू?
स्टमक फ्लू, जिसे गैस्ट्रोएंटेराइटिस (Gastroenteritis) भी कहा जाता है, पेट और आंतों का संक्रमण है। यह मुख्य रूप से नोरोवायरस (Norovirus), बैक्टीरिया या दूषित भोजन एवं पानी के कारण होता है।
समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी डिहाइड्रेशन (Dehydration), लो ब्लड प्रेशर, मांसपेशियों में ऐंठन और गंभीर कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।
बारिश में स्टमक फ्लू क्यों बढ़ता है?
1. बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ते हैं
- बारिश में नमी और उमस अधिक होती है।
- यह मौसम वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल होता है।
- दूषित भोजन और पानी संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
2. दूषित पानी का सेवन
- बारिश में जल स्रोत आसानी से दूषित हो जाते हैं।
- बिना उबाला या बिना फिल्टर किया पानी पीना संक्रमण का खतरा बढ़ाता है।
3. सड़क किनारे मिलने वाला खाना
- खुला रखा हुआ भोजन, चाट, गोलगप्पे, कटे फल और जूस जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।
- बारिश में इन्हें खाने से फूड प्वाइजनिंग और स्टमक फ्लू का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
4. रसोई की सफाई में लापरवाही
- गंदे चॉपिंग बोर्ड, चाकू, किचन प्लेटफॉर्म और बर्तन भी संक्रमण फैला सकते हैं।
- कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग रखना जरूरी है।
5. अंकुरित अनाज का गलत सेवन
- बारिश में अंकुरित अनाज पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
- इन्हें कच्चा खाने की बजाय हल्का उबालकर या पकाकर खाना बेहतर होता है।
स्टमक फ्लू के प्रमुख लक्षण
- पेट में मरोड़ और तेज ऐंठन
- बार-बार दस्त (डायरिया)
- उल्टी या जी मिचलाना
- हल्का या तेज बुखार
- सिर दर्द
- कमजोरी और थकान
- डिहाइड्रेशन
- चक्कर आना
- मांसपेशियों में ऐंठन
बारिश में कैसे करें बचाव?
1. केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं
- उबला हुआ या फिल्टर किया पानी ही पिएं।
- बाहर का पानी पीने से बचें।
2. फल और सब्जियां अच्छी तरह धोएं
- खाने से पहले साफ पानी से धोएं।
- चाहें तो पानी में थोड़ा विनेगर मिलाकर कुछ मिनट भिगो सकते हैं।
3. हाथ धोना न भूलें
- खाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोएं।
- शौचालय जाने, बाहर से आने और पालतू जानवरों को छूने के बाद भी हाथ जरूर साफ करें।
4. रसोई को साफ रखें
- चॉपिंग बोर्ड, चाकू और बर्तनों को अच्छी तरह धोएं।
- कच्चे और पके भोजन के लिए अलग-अलग बर्तन रखें।
5. बासी खाना खाने से बचें
- लंबे समय तक बाहर रखा भोजन न खाएं।
- फ्रिज में रखा खाना बार-बार गर्म करके खाने से बचें।
6. स्ट्रीट फूड से दूरी रखें
- बारिश में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ संक्रमण का बड़ा कारण बन सकते हैं।
7. पर्याप्त पानी पिएं
- यदि दस्त या उल्टी हो रही हो तो ORS, नारियल पानी और पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
स्टमक फ्लू और फूड प्वाइजनिंग में अंतर
| स्टमक फ्लू | फूड प्वाइजनिंग |
|---|---|
| वायरस या बैक्टीरिया से संक्रमण | दूषित भोजन के सेवन से |
| लक्षण धीरे-धीरे भी उभर सकते हैं | लक्षण अक्सर कुछ घंटों में शुरू हो जाते हैं |
| व्यक्ति से व्यक्ति में भी फैल सकता है | आमतौर पर संक्रमित भोजन तक सीमित |
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
- लगातार 24 घंटे से ज्यादा उल्टी या दस्त
- मल में खून आना
- तेज बुखार
- पेशाब कम आना
- अत्यधिक कमजोरी
- बार-बार चक्कर आना
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर लक्षण
निष्कर्ष
बारिश के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी आपको स्टमक फ्लू, फूड प्वाइजनिंग और अन्य जलजनित बीमारियों से बचा सकती है। साफ पानी, स्वच्छ भोजन, हाथों की सफाई और रसोई की स्वच्छता अपनाकर आप खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
